Friday, 17 May 2019

किसी किरदार का अंत पूरी तरह नहीं होता...



किताब कभी नहीं चाहता कि उसका किरदार शुरू के पन्नों में मर जाए

लेकिन उसको पता है कि कहानी उस किरदार के चले जाने के बाद ही पूरी होगी।

इसलिए कभी किसी किताब, किसी किरदार का अंत पूरी तरह नहीं होता

बस कुछ दिन के लिए चीजो को छोड़ दिया जाता है ताकि जो है उसे बचाया जा सके।

1 comment:

गुलाब...

उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...