Tuesday, 21 January 2020

शोर मचाता रहूंगा...

मुझे नहीं पता मैं तुमसे प्यार करता था या नहीं 

लेकिन हां, मैं तुम्हें एक बार फिर देखना, सुनना, तुम्हें छू कर महसूस करना चाहता हूं।

पता है, ये सब पढ़ने, सुनने, मुझे देखने कभी नहीं आओगी।

लेकिन जब-जब मुझे नींद नहीं आएगी मैं तुम्हें ऐसे ही चीख-चीख कर गहरी नींद से जगाता रहूंगा। हर गली में शोर मचाता रहूंगा। कुछ भी नहीं, फिर भी बहुत कुछ होने का यकीन दिलाता रहूंगा।

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