Friday, 6 January 2017
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गुलाब...
उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...
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अये ज़िदगी जरा इतना बता दे, तू है कहा और तेरा पता क्या है। गर कभी फुर्सत मिले तो हमसे भी रुबुरु हो ले , ये ज़िन्दगी भी तेरी दी हुई है ये भ...
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मुझसे मेरी जात न पूछो मैं बंदा ऊपर वाले का हूँ सुबह सवेरे मंदिर जाके शांत मनसे इश्वर को याद किया करता हूँ हुई दूपहरहीया तो बैठ किसी मस्...
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किताब कभी नहीं चाहता कि उसका किरदार शुरू के पन्नों में मर जाए लेकिन उसको पता है कि कहानी उस किरदार के चले जाने के बाद ही पूरी होगी। ...
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