Thursday, 23 February 2017

लव अफेयर


हीर रांझा लैला मजनू सोनी महिवाल या कोई और प्रेमकथा जब कोई पढ़ता है तो अचानक वाला उसका भी प्यार जाग जाता है और वो अपनी प्रेमकहानी बुनने लगता है । लेकिन आजकल के प्यार के मायने समझ से परे है ।
किसी लड़की ने हँसके बात करलिया तो प्यार हो गया हमको ।
किसी ने पलट के देखलिया तो प्यार हो गया हमको ।
और सारे दोस्तों मे सिर्फ हमको ही नहीं देखा, तब भी हम मान लेते है । बेचारी शर्मा गयी होगी । प्यार हो ही गया उसको तभी नहीं नजरे मिला पा रही हमसे वो।
और अगले दिन से शुरू लव अफ़ेयर

हम अलग अलग तरीको से लड़की को अपनी प्रेम कहानी का हिस्सा बनाने मे लग जाते है।
- रास्ते मे रोक कर उसका नंबर मांगेगे ।
- कॉलेज के बहार चपरासी दादा के आने से पहले गेट पर धरना , और अपनी खूबसूरती का प्रदर्शन करेगे ।
- कुछ दफ्तर पहुँच जायेगे अगर लड़की सेल्फ डिपेंडेंट हुई तो ।
- साथ साथ पीछे पीछे बाजार मे सब्जी ,  चूड़ीया , पिंक दुपट्टा खरीदने पहुँच जायेगे । फिर भले क्यों न मम्मी से चप्पल खायी हो धनिया मिर्चा न लाने पर ।
- उसके घर के सामने चाय की चुस्की लगाते और अंग्रेजी अख़बार पढ़ते नजर आयेगे ।
और अगर कोई सीनियार सिटिजन पूछले यहाँ क्या कर रहे बेटा ?
तो अपनी बहन का इंतजार कर रहा हूँ बता देंगे ।

पर जब बात इनसबसे नहीं बनती तो प्यार के नाम पर जो तरीके जो बरसाती आशिक आपनाते है , उससे हीर राँझा लैला मजनू भी शरमा जाये
- ' सुनो लव यू टू बोल दो वरना तुम्हारा नंबर दोस्तों मे बाँट दूंगा।

- ' मान लो तुम भी मुझसे प्यार करती हो वरना कल तुम्हांरे घर आकर बोल दूंगा परे पेट मे तुम्हरा बच्चा है ,
लड़की - क्या ।
आशिक - तुम मेरे बच्चे की माँ बनने वाली हो ।

- 'अब मान भी जाओ , अबतो बड़ी मंदिर वाले पंडित जी ने भी बोल दिया है की मेरी वाइफ का नाम का पहला लेटर (s) होगा ।
- लड़की मेरा नाम प्रिया है ।
- ओह्ह लेकिन मैं तो तुम्हे प्यार से सोना बुलाता हु न ।

- क्या चाहती हो मर जाऊ तुम्हारा नाम ले ले कर । देखो आज मैंने फिर तुम्हारे नाम का टैटू कराया है।
- कल तो तुम्हारे हाथ पर जानकी नाम का टैटू था ।
-आशिक जानकी मेरी परदादी का नाम है 'सोना

- हा बोलदो न जानू वरना कल जो कपड़े सुखाने के लिए बाजार से रस्सी लाया था उसी से लटक के मर जाऊंगा
-लड़की वो तो शर्मा अंटी की थी न
-आशिक हा उनका ही है लेकिन एकदिन के लिए उधार ले आया हु ।

- कल जो फोटो भेजी थी ठीक वैसे ही हाथ कट लूँगा
-लड़की मेरे पास फ़ोन कहा है । वो फोटो तुमने मेरी सहेली को भेजी है
-आशिक देखो मेरे प्यार का जूनून आजकल हर जगह तुम दिखती हो ।

-यार मेरी हालत देखो एक महीने से कुछ नहीं खाया हैं मैंने सूख कर कांटा हो गया हु ।
-वेटर सर आपका बिल । 2 दल मखनी 8  रोटी 1 गिलास लस्सी और 100 ग्राम बर्फी ।
-आशिक ले रखले तू । मेरे दोस्त गए सब । खा के
-वेटर सर आपकी टेबल पर आप ही थे ।
-आशिक जा तू
अरे सुनो दोस्त को पार्टी दे रहा था बस जन्मदिन था मेरा आज ।
-लड़की वो पिछले महिने भी था
-आशिक अरे वो फेसबुक वाला था । असली वाला आज हैं ।

इधर लड़की परेशान ।
करू तो क्या करू मैं , तंग आ गयी हूँ मैं इन सबसे हर तरफ से मेरी ही बदनामी हो रही है। जहा जाती हूँ पहुच ही जाता है अगर सच में इसने हाथ पैर काट लिए तो तो मुझे हे फसा कर मरेगा । घर पहुच गया तो पापा जान से मार देंगे मुझे , बड़ी मुसकिल से कालेज में जाने को माने है । अबतो कालेज में भी तरह-तरह के बाते होने लगे है। और ऑफिस का पता भी चल गया है इसको ,बड़ी मुसकिल से पार्ट टाइम जॉब मिली है ये जॉब गयी तो आगे नहीं पढ़ पाऊँगी मैं  अभी जान भी दे दूँ तो उसमे भी घर वालो की हे बदनामी होगी समाज के ताने सुनने पड़ेगे मेरे परिवार को ।
करू तो क्या करू
क्या यही प्यार है
क्या इसी को प्यार का नाम देते है सब
क्या इसी का नाम पवित्र रिश्ता है

कहानी समाप्त ।

अभी इतने ड्रामे करने के बाद अगर उसको पा भी लिया तो क्या कभी वो तुम्हे दिलसे अपना पायेगी? क्या वो तुम्हारी इज्जत कर पायेगी । ऐसे रिश्ते बस एक मज़बूरी में किये गए समझौते बनके रह जाते है । अगर वो तुम्हारे प्यार को समझ नहीं पा रही तो उसमे उसकी कोई गलती नहीं । क्युकी सबकी पसंद एक जैसी नहीं होती ,सबके प्यार के समझने के मायेने अलग अलग होते है। तुम उसके लिए एकदम सही हो यह तुम तय नहीं कर सकते,
एक हाथ में आइ-फोन दुसरे हाथ में गुलाब का फूल पकड़ने से कोई आशिक नही बन जाता । न ही महंगी गाड़ी पापा का क्रेडिट कार्ड से सबकुछ खरीदने से तुम काम काजू घर टिकाऊ हो जाओगे।

और हाँ इतने कुछ करने के बाद भी बात न बने तो इसमें जग छोड़ने वाली कोई बात नहीं है । होता है , चीज़े होती है । ऐसे छोटे छोटे शहरो में ऐसी बड़ी बड़ी बाते होती रहती है। बस उस समय यह सोचना की ये वो नही है,थोड़ा और इंतजार करना होगा अभी थोड़ा और प्यार करना पड़ेगा । अपनी पसंद को डराना नहीं उससे प्यार करना उसकी इज्जत करना चाहिये। और हाँ यहां सबकी जोड़ी है । सबका प्यार है कुछ को पहले मिलेगा कुछ को गूंघट उठाने के बाद मिलेगा। शादी के बाद मिलेगा । अधुरा कोई नहीं रहेगा। , कोई आएगी जो तुमसे प्यार करेगी /करेगा तुम्हे समझेगा/ समझेगी तुम्हारे हर ड्रामे को प्यार समझेगी और मुस्कुराएगी । बस तुम्हे उस हँसी उस मुश्कारहट को दिलसे देखना पड़ेगा। अब देखने का मतलब ये नहीं सब पे ट्राई मारते रहो ।

वो जब सामने आएगी तो
एक एहसास होगा
जो सबसे ख़ास होगा
जिसे महसूस करते हे तुम
खुदसे बेखबर हो जाओगे

थोड़ा फ़िल्मी है लेकिन जो यही है जो है ।
क्युकी जैसे तुम्हे उसकी तलाश है वैसे ही उसको तुम्हारी होगी ।
ज्यदा मजबूत दिल वालो के लिए ये है !
'की प्यार का मतलब ही शयाद अपने प्यार को ख़ुस देखकर खुस रहना होता है । फिर क्यों न वो किसी और के साथ खुस हो'
और शयाद कभी - कभी किसी को खो देना भी प्यार कहलाता है । जरुरी नहीं हर कहानी पूरी हो क्युकी कुछ कहानियां आधुरी ज्यदा अच्छी होती है जो पूरा होने से कही ज्यदा शुकून अधूरी होने पर दे जाती है।।।।।।

Wednesday, 22 February 2017

तेरा सलाम आया ।

चलो देर से ही सही, मेरे
प्यार का इनाम तो आया ।

उन्हें सदियों जैसा चाहा हमने ,
बदले मे एक पल का सलाम तो आया

अब तह उम्र साथ रहेगा ,
ये दर्द तेरा

देखना मेरे साथ ही जायेगा
ये अधूरा इश्क मेरा

ऊपर से मिट्टी नहीं
बस गिराना आल्फ़ज मेरे

क्युकी नियत अब मिट्टी की नहीं बस
जज्बातों की रह गयी है।

की नियत अब तेरे प्यार की
नहीं बस तेरी आदतो की रह गयी है

Thursday, 16 February 2017

वक़्त

जब किसी को वक़्त बे वक़्त हर वक़्त प्यार करो

और उसके पास न अब न तब न कल तुम्हारे लिए वक़्त न हो तो

समझ जाओ ये वक़्त तुम्हारे प्यार का वक़्त नहीं  है

और उसे छोड़ दो उस वक़्त तक के लिए

की जबतक उसे तुम्हारे वक़्त बे वक़्त में किये प्यार का एहसास न हो जाये

याकिन मनो वक़्त उसे खुद तुम्हारे वक़्त मे ले आएगा ।

Monday, 6 February 2017

सोच ।

डेंगू से हर दिन कई लोग मर रहे है। वैसे ही 'सोच' नामक बीमारी से भी लोग दिन प्रति दिन बीमार होते जा रहे। जिसका आकड़ा नहीं है , डेंगू से बचने के उपाय तो हर अस्पताल मे है। पर सोच से कैसे लड़े ? छोड़िये डेंगू की बात करते है हमेसा की तरह हम इसे भी लड़ेगे ।
जी जान से संघर्ष करेगे ।फिर बाकी चीजों की तरह इसकी भी आदत पड़ जाएगी। जैसे भ्रष्टाचार  दुराचार। बाकि आप देख लो जिससे जिससे आपको प्रोब्लम हो । हमसे भी आपकी तरह ना हो पायेगा। इन सबके बाद हम हमेसा की तरह हम एक दुसरो पर आरोप लगा देगे । कम ख़तम पैसा  हजम ही समझो । लेकिन खुद से कुछ ना करेगे ।
बात वही आके रुक जाएगी की भैया 'हमसे तो कुछ न हो पायेगा ।'
टीवी पर ब्रेक में नकली संजय दत्त की चिकन गुनिया डेंगू वाला ऐड देख लेगे ।
कुछ का दिमाग चला तो अपने घर के साफ सफाई का कार्य प्रणाली अपनी घर वाली से पूछ लेगे ।
मैडम भी फटाफट बता देगी आज ही घर की साफ़ सफाई की है ।
सारा कचरा नीचे वाले फ्लोर पर लगा दिया है ।
बहुत सही ।।।।
फ़िक्र करने की कोई बात नही है ।
लेकिन कौन समझाए की वो निचे वाले फ्लोर से ही अपने फ्लोर तक आती है ।
लॉजिक वाली बात है । अब हर चीज़ उड़ कर ऊपर तो नहीं जाने वाली ।
इसलिए कुछ चीजों को हम निचे से निचे करते है । हम अपना सिद्धांत लगाते है । फिर नेचर अपना फार्मूला लगाती है।
मार्टिन लायेगे ,मच्छर दानी ओल्ड फ़ैसन हुआ तो। घर को मच्छर दानी जैसा बनवा लेंगे । पूरा जी जान गुर्दा लगा देगे
। लेकिन लेकिन लड़ेगे जरुर। तालिया इसी बात पर हमारे लिए । शायद एक दो मच्छर तालियों मे हे दब के ही मर जाये । वैसे फुटपाथ पर नहीं सोना  चाहिये मरने का खतरा तो है भाई लॉजिक है सबमे । कही और जेक दबो मरो । हा डेंगू ठीक है
छोड़ो जाने दो गर्मी जाने वाली है । ठन्डी तक इंतजार करते है। अपने आप प्रोब्लम सोल्व हो जाएगी । क्यों इतनी टेंशन ले । लेकिन फिर एक लॉजिक और है । बीमार हो दावा दारू करके ठीक हो जाओगे। लेकिन  जिनकी सोच ही बीमार है । उनका क्या होगा। ओह्ह्ह्ह क्या बोल दिया मैंने । U P इस समय वैसे ही दो बीमारियों से जूझ रहा है। एक तो 'चाचा भतीजा ' और ऊपर से डेंगू चिकन गुनिया । अभी हाई अलर्ट करदेना चाहिये 'सोच बदलो नहीं तो , उसका इलाज कराओ ' बाकि देश का क्या है उसका । पूरा ध्यान सेना रख रही है आप बस अपनी सोच से लड़ो। लड़ो से याद आया । कल फरहान से 500 रुपए लेने । है। कल भी नहीं दिया तो मेरा उससे हो जाना है । वो भी  तगड़ा वाला ।
आप अपना अपना देख लो मैं तो चला। अपनी सोच से लड़ने ।

Friday, 3 February 2017

भुला दो ।

भुला दो
फिर जी भरके रो लो ।

याद करलो
फिर जी भरके रो लो ।

सबकुछ भुला दो
फिर जी भरके रो लो ।

सबकुछ याद करलो
फिर जी भरके रो लो ।

जिंदगी है , चलता हैं
यहाँ कौन किसके लिए रुकता है।
आइये आपका स्वागत है
दर्द देके जाइये फिरभी आपका स्वागत है।

अपने है आप , इतना तो कर ही सकते है
आपके लिए
अपने है आप , इतना तो रो ही सकते है आपके लिए

गुलाब...

उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...