हीर रांझा लैला मजनू सोनी महिवाल या कोई और प्रेमकथा जब कोई पढ़ता है तो अचानक वाला उसका भी प्यार जाग जाता है और वो अपनी प्रेमकहानी बुनने लगता है । लेकिन आजकल के प्यार के मायने समझ से परे है ।
किसी लड़की ने हँसके बात करलिया तो प्यार हो गया हमको ।
किसी ने पलट के देखलिया तो प्यार हो गया हमको ।
और सारे दोस्तों मे सिर्फ हमको ही नहीं देखा, तब भी हम मान लेते है । बेचारी शर्मा गयी होगी । प्यार हो ही गया उसको तभी नहीं नजरे मिला पा रही हमसे वो।
और अगले दिन से शुरू लव अफ़ेयर
हम अलग अलग तरीको से लड़की को अपनी प्रेम कहानी का हिस्सा बनाने मे लग जाते है।
- रास्ते मे रोक कर उसका नंबर मांगेगे ।
- कॉलेज के बहार चपरासी दादा के आने से पहले गेट पर धरना , और अपनी खूबसूरती का प्रदर्शन करेगे ।
- कुछ दफ्तर पहुँच जायेगे अगर लड़की सेल्फ डिपेंडेंट हुई तो ।
- साथ साथ पीछे पीछे बाजार मे सब्जी , चूड़ीया , पिंक दुपट्टा खरीदने पहुँच जायेगे । फिर भले क्यों न मम्मी से चप्पल खायी हो धनिया मिर्चा न लाने पर ।
- उसके घर के सामने चाय की चुस्की लगाते और अंग्रेजी अख़बार पढ़ते नजर आयेगे ।
और अगर कोई सीनियार सिटिजन पूछले यहाँ क्या कर रहे बेटा ?
तो अपनी बहन का इंतजार कर रहा हूँ बता देंगे ।
पर जब बात इनसबसे नहीं बनती तो प्यार के नाम पर जो तरीके जो बरसाती आशिक आपनाते है , उससे हीर राँझा लैला मजनू भी शरमा जाये
- ' सुनो लव यू टू बोल दो वरना तुम्हारा नंबर दोस्तों मे बाँट दूंगा।
- ' मान लो तुम भी मुझसे प्यार करती हो वरना कल तुम्हांरे घर आकर बोल दूंगा परे पेट मे तुम्हरा बच्चा है ,
लड़की - क्या ।
आशिक - तुम मेरे बच्चे की माँ बनने वाली हो ।
- 'अब मान भी जाओ , अबतो बड़ी मंदिर वाले पंडित जी ने भी बोल दिया है की मेरी वाइफ का नाम का पहला लेटर (s) होगा ।
- लड़की मेरा नाम प्रिया है ।
- ओह्ह लेकिन मैं तो तुम्हे प्यार से सोना बुलाता हु न ।
- क्या चाहती हो मर जाऊ तुम्हारा नाम ले ले कर । देखो आज मैंने फिर तुम्हारे नाम का टैटू कराया है।
- कल तो तुम्हारे हाथ पर जानकी नाम का टैटू था ।
-आशिक जानकी मेरी परदादी का नाम है 'सोना
- हा बोलदो न जानू वरना कल जो कपड़े सुखाने के लिए बाजार से रस्सी लाया था उसी से लटक के मर जाऊंगा
-लड़की वो तो शर्मा अंटी की थी न
-आशिक हा उनका ही है लेकिन एकदिन के लिए उधार ले आया हु ।
- कल जो फोटो भेजी थी ठीक वैसे ही हाथ कट लूँगा
-लड़की मेरे पास फ़ोन कहा है । वो फोटो तुमने मेरी सहेली को भेजी है
-आशिक देखो मेरे प्यार का जूनून आजकल हर जगह तुम दिखती हो ।
-यार मेरी हालत देखो एक महीने से कुछ नहीं खाया हैं मैंने सूख कर कांटा हो गया हु ।
-वेटर सर आपका बिल । 2 दल मखनी 8 रोटी 1 गिलास लस्सी और 100 ग्राम बर्फी ।
-आशिक ले रखले तू । मेरे दोस्त गए सब । खा के
-वेटर सर आपकी टेबल पर आप ही थे ।
-आशिक जा तू
अरे सुनो दोस्त को पार्टी दे रहा था बस जन्मदिन था मेरा आज ।
-लड़की वो पिछले महिने भी था
-आशिक अरे वो फेसबुक वाला था । असली वाला आज हैं ।
इधर लड़की परेशान ।
करू तो क्या करू मैं , तंग आ गयी हूँ मैं इन सबसे हर तरफ से मेरी ही बदनामी हो रही है। जहा जाती हूँ पहुच ही जाता है अगर सच में इसने हाथ पैर काट लिए तो तो मुझे हे फसा कर मरेगा । घर पहुच गया तो पापा जान से मार देंगे मुझे , बड़ी मुसकिल से कालेज में जाने को माने है । अबतो कालेज में भी तरह-तरह के बाते होने लगे है। और ऑफिस का पता भी चल गया है इसको ,बड़ी मुसकिल से पार्ट टाइम जॉब मिली है ये जॉब गयी तो आगे नहीं पढ़ पाऊँगी मैं अभी जान भी दे दूँ तो उसमे भी घर वालो की हे बदनामी होगी समाज के ताने सुनने पड़ेगे मेरे परिवार को ।
करू तो क्या करू
क्या यही प्यार है
क्या इसी को प्यार का नाम देते है सब
क्या इसी का नाम पवित्र रिश्ता है
कहानी समाप्त ।
अभी इतने ड्रामे करने के बाद अगर उसको पा भी लिया तो क्या कभी वो तुम्हे दिलसे अपना पायेगी? क्या वो तुम्हारी इज्जत कर पायेगी । ऐसे रिश्ते बस एक मज़बूरी में किये गए समझौते बनके रह जाते है । अगर वो तुम्हारे प्यार को समझ नहीं पा रही तो उसमे उसकी कोई गलती नहीं । क्युकी सबकी पसंद एक जैसी नहीं होती ,सबके प्यार के समझने के मायेने अलग अलग होते है। तुम उसके लिए एकदम सही हो यह तुम तय नहीं कर सकते,
एक हाथ में आइ-फोन दुसरे हाथ में गुलाब का फूल पकड़ने से कोई आशिक नही बन जाता । न ही महंगी गाड़ी पापा का क्रेडिट कार्ड से सबकुछ खरीदने से तुम काम काजू घर टिकाऊ हो जाओगे।
और हाँ इतने कुछ करने के बाद भी बात न बने तो इसमें जग छोड़ने वाली कोई बात नहीं है । होता है , चीज़े होती है । ऐसे छोटे छोटे शहरो में ऐसी बड़ी बड़ी बाते होती रहती है। बस उस समय यह सोचना की ये वो नही है,थोड़ा और इंतजार करना होगा अभी थोड़ा और प्यार करना पड़ेगा । अपनी पसंद को डराना नहीं उससे प्यार करना उसकी इज्जत करना चाहिये। और हाँ यहां सबकी जोड़ी है । सबका प्यार है कुछ को पहले मिलेगा कुछ को गूंघट उठाने के बाद मिलेगा। शादी के बाद मिलेगा । अधुरा कोई नहीं रहेगा। , कोई आएगी जो तुमसे प्यार करेगी /करेगा तुम्हे समझेगा/ समझेगी तुम्हारे हर ड्रामे को प्यार समझेगी और मुस्कुराएगी । बस तुम्हे उस हँसी उस मुश्कारहट को दिलसे देखना पड़ेगा। अब देखने का मतलब ये नहीं सब पे ट्राई मारते रहो ।
वो जब सामने आएगी तो
एक एहसास होगा
जो सबसे ख़ास होगा
जिसे महसूस करते हे तुम
खुदसे बेखबर हो जाओगे
थोड़ा फ़िल्मी है लेकिन जो यही है जो है ।
क्युकी जैसे तुम्हे उसकी तलाश है वैसे ही उसको तुम्हारी होगी ।
ज्यदा मजबूत दिल वालो के लिए ये है !
'की प्यार का मतलब ही शयाद अपने प्यार को ख़ुस देखकर खुस रहना होता है । फिर क्यों न वो किसी और के साथ खुस हो'
और शयाद कभी - कभी किसी को खो देना भी प्यार कहलाता है । जरुरी नहीं हर कहानी पूरी हो क्युकी कुछ कहानियां आधुरी ज्यदा अच्छी होती है जो पूरा होने से कही ज्यदा शुकून अधूरी होने पर दे जाती है।।।।।।