आसमान काला मैला था
एक शख़्स बड़ी उलझन में बैठा था
उसके सारे कपड़े मैले थे
थोड़े सफ़ेद थोड़े रंगीन जैसे थे
उसकी नजरें इधर- उधर खुद को ढूढ़ रही थी
ऊपर से भी उसे कोई देख रहा था
मानो पूरा जहां उसे घूर रहा था
वो कपड़े उतार वहां से भागना चाहता था
लेकिन तभी अचानक से बूँदा- बान्दी शुरू हो गई
वो शख़्स वहीं पर बैठा रहा, उसके सारे कपड़े सफ़ेद हो गए
वो फ़िर से भागना चाहता था
लेकिन तभी जोरो की आंधी चलने लगी
वो शख़्स वहीं बैठा रहा
और कुछ देर बाद आसमान छ्ट के सफ़ेद हो गए
लेकिन उस शख़्स के कपड़े फ़िर से मैले हो गए
एक शख़्स बड़ी उलझन में बैठा था
उसके सारे कपड़े मैले थे
थोड़े सफ़ेद थोड़े रंगीन जैसे थे
उसकी नजरें इधर- उधर खुद को ढूढ़ रही थी
ऊपर से भी उसे कोई देख रहा था
मानो पूरा जहां उसे घूर रहा था
वो कपड़े उतार वहां से भागना चाहता था
लेकिन तभी अचानक से बूँदा- बान्दी शुरू हो गई
वो शख़्स वहीं पर बैठा रहा, उसके सारे कपड़े सफ़ेद हो गए
वो फ़िर से भागना चाहता था
लेकिन तभी जोरो की आंधी चलने लगी
वो शख़्स वहीं बैठा रहा
और कुछ देर बाद आसमान छ्ट के सफ़ेद हो गए
लेकिन उस शख़्स के कपड़े फ़िर से मैले हो गए




