Monday, 6 August 2018

मैं हिंदुस्तान हूं...



ना हरा ना भगवा
ना चोला लाल लिए चलता हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ।
सर पे तिरंगे का शान लिए चलता हूँ।

ना गीता ना क़ुरान
ना बाइबिल का पाठ लिए चलता हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ!
अपने दोनों कंधो पर ईमान लिए चलता हूँ।

ना अज़ान ना गुड़गांन
ना ही घंटो की ताल पर चाल चला करता हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ!
हर दिन जुबां पर देश का राष्ट्रगान लिए चलता हूँ।

ना ईद ना दीवाली
ना गुरु पर्व की याद लिए चलता हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ!
चारों दिशाओ में अपने तिन रंगों की बहार लिए चलता हूँ।

ना दिल्ली ना गुजरात
ना कश्मीर की बात किया करता हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ!
जर्रे-जर्रे कतरे-कतरे में हिमालय का ताज लिए चलता हूँ।

ना गोला ना बारूद
ना तोपों की चाल लिए चलता हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ,
अपने हर पल में अमन और शांति का मशाल लिए चलता हूँ।

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