Tuesday, 27 December 2016

दर्द...

यहाँ हर ज़िन्दगी का अपने हिस्से का दर्द होता हैं।

कब तक सम्भाल के रखोगे ?
कब तक उसे बचोगे ?
कहा तक उससे भाग के जाओगे ?

दर्द हमें ढूढ हे लेगा एक दिन

इसलिए
हमे जल्द ही अपने हिस्से के दर्द से मुलाक़ात करलेनी च!हिये

और उससे जीतना सीख लेना च।हिये।

1 comment:

गुलाब...

उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...