यहाँ हर ज़िन्दगी का अपने हिस्से का दर्द होता हैं।
कब तक सम्भाल के रखोगे ?
कब तक उसे बचोगे ?
कहा तक उससे भाग के जाओगे ?
दर्द हमें ढूढ हे लेगा एक दिन
इसलिए
हमे जल्द ही अपने हिस्से के दर्द से मुलाक़ात करलेनी च!हिये
और उससे जीतना सीख लेना च।हिये।
उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...
❤️Words🙏🏻
ReplyDelete