Wednesday, 24 May 2017

सहारनपुर की आग...

#save_saharanpur_sabbirpur

दुनिया का सबसे बड़ा डर होता है,जब कोई आपके दरवाजे की कड़ी खटखटाये और आपको ये ना पता हो, की दरवाजे के उसपार खड़ा व्यक्ति आपके परिवार को मारने आया है, या आपके घर के बेटी का बलात्कार करने आया है ।ये सोचके और लिखके । दिल,दिमाग और मेरी कलम कांप सी जाती है।
जब पता चलता है ये बात काल्पनिक नहीं बल्कि सहारनपुर की सच्चाई है। जो वहा घटित हो रहीं हो, वहा और भी बड़े कारनामे हो रहे, लेकिन वो आज के समाज में होने वाले अपराधों के हिसाब से आम बात है। जैसे गुट बना कर किसी की नाक में चक्कू घोप देना, किसी के परिवार को घरमे बंद करके घर को आग लगा देना , बीच नुक्कड़ पर उसको जिन्दा जला देना।
पिछले 20 दिन से सहारनपुर एक ऐसी आग बनके जल रहा है जिसे रोकना वहां के ना तो प्रशासन के बस में है ना ही शांति प्रवाचन देने वालो प्रव्क्तावों के बस में है, वहां का आलम ये है की एसएसपी जैसे बड़े अधिकारी के घरमे भी लोग चक्कू बंदूके लेकर घुस रहे है, खुद एस पी की धर्मपत्नी ने ये कहाँ की अगर मैं वहा से अपने बच्चो को लेकर नहीं भागती तो, उनपर भी गोलिया और चक्कू छुरीया चल जाती, अगर ऐसे बड़े अधिकारी के परिवार को जब ये महसूस हो रहा तो जरा सोचिये वहां रह रही आम जानता का क्या हाल है, अभी कल ही योगी जी इस मुद्दे पर कह के गए की वहां कुछ नही हो रहा,और उसी दिन वहां एक व्यक्ति को मारा गया ,दुसरे का घुठना गायब मिला। योगी जी को  सब्बीरपुर जाके देखना चाहिए की कैसे वहां घर जल रहे , घरो में रह रही लड़कियों के साथ कैसे सामूहिक बलात्कार हो रहे हैं, और
वहां आलम इस तरह है की जैसे भारत और पाकिस्तान के बटवारे के वक़्त जब घरों में घुसकर बलात्कार होते थे , ठीक वैसे ही आज सब्बीरपुर में हो रहा।
मैंने पुरे लेख में दंगे किन समुदाय के बीच हो रहा इसलिए नही लिखा । क्युकी जहा ऐसे अपराध हो रहे हो , वहां मामला दलित और ठाकुर से बढ़कर इन्संनियत की हो  जाती है,जो वोट बैंक से परे हैं ।पिछले 20 दिन में किसी न्यूज़ चैनल ने किसी अखबार ने सही ढंग से इस सब्बीरपुर के आग को कही भी ठीक ढंग से दिखाया ही नहीं , वो इसलिए की वहां मीडिया की गाड़ियों को जलाया जा रहा हैं , देखते ही पत्रकारों को को खदेड़ा जा रहा । यहाँ हमारे प्रधानमंत्री जी को मैनचेस्टर में हुए हमले की बड़ी चिंता है ,और निंदा हैं।लेकिन साहब अपना देश अन्दर जल रहा है जरा उसको भी देख लीजिये । कश्मीर में दो पत्थर चलते है ,हवा #UN तक जाती है, वहीँ सब्बीरपुर में घरो में घुसकर सामूहिक बलात्कार हो रहे,और इसकी खबर #Delhi तक नहीं पहुची । बाबू ये तो बड़ी नाइंसाफी है । 2021 की प्लानिनिग छोड़िये अभी 2019 के हाल पर गौर करिए । सब्बीरपुर के अन्दर झांक के देखिये जितना लिखा है उससे ज्यदा आग लगी है वहां।

Sources of news टीवी पर अखबारों में पिछले 20 दिन के दिखाए गए छोटी मोती घटनाये और वायरल विडियो । और कुछ लोगो की आधी अधूरी आप बीती । जिनका जिक्र करना मुनासिब नहीं।

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