आसमान में एक सितारा तेरे नाम का
जिसे देख मैं अपनी नमाजे अदा किया करता हूँ ।***
पलपल सांसो की माला टूट रही मेरी
मजबूत धागों का इंतजाम किया करता हूँ
रोज खोलता हूँ घर के सारे दरवाजे अपने
हर सुबह खुदको गमो के कमरो मे कैद ही पता हूँ।
एक एक साँस गिरवी रख दी है खुदा के घरमे
फिरभी हर शाम की दुआ में अगले जन्म की साँस भी तेरे नाम किया करता हूँ।
दरिया बहती मेरे घरके बगल से
फिर भी सारा दिन शहर मे प्यासा मारा मारा फिरा करता हूँ।
जिंदगी अब और क्या कबूल करू तौहफे तेरे
यहाँ खुद हरदिन मैं गमो का बाजार लगाये फिरता हूँ
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