Friday, 31 March 2017

अये बशर ।

इस दुनिया मे अये बशर तू इश्क न करना
तू मिट्टी मिट्टी उड़ जाना
पर इश्क न करना
तू खुशबू खुशबू घुल जाना
पर इश्क न करना
तू राख ख़ाक में मिल जाना
पर इश्क न करना
तू तिनका तिनका गिर जाना
पर इश्क न करना
तू रेत बनके बह जाना
पर इश्क न करना
तू बीच समंदर रुक जाना
पर इश्क न करना
तू जलते लावे चल जाना
पर इश्क न करना
तू गिरते गिरते गिर जाना
पर इश्क न करना
तू बीच भवर में फस जाना
पर इश्क न करना

और तू मरते मरते मर जाना
पर इश्क न करना
की तू जलते जलते जल जाना
पर इश्क न करना

Wednesday, 29 March 2017

किराये की कोख़ ।

किराये की कोख तो मिल जायेगी,

लेकिन किराये के माँ-बाप कहाँ से लाओगे

किराये का घर तो मिल जायेगा,

लेकिन किराये का परिवार कहाँ से लाओगे

किराये का बाग तो मिल जायेगा

लेकिन किराये के फूल कहाँ से लाओगे

किराये की रानी तो मिल जाएगी,

लेकिन किराये की कहानी कहाँ से लाओगे

किराये की नींदे तो मिल जाएगी,

लेकिन किराये के सपने कहाँ लाओगे

किराये की घड़ी तो मिल जाएगी,

लेकिन किराये का वक़्त कहाँ लाओगे

किराये का यहाँ सबकुछ मिल जायेगा
लेकिन किराये पर अपना कहने वाला कहाँ से लाओगे

और किराये के माँ-बाप भी मिल जायेगे
लेकिन फिर किरदार कहाँ से लाओगे।

Friday, 24 March 2017

दो बूंद ।

लडकियों पर दो प्याला तेजाब का फेंकने वालो को

अगर उनकी माँ ने पैदा होते ही

दो बूंद पोलियो की जगह दो बूंद तेजाब का पिलाया होता तो शायद

उन्हें तेजाब के जलन ,गलन और सहन का एहसास होता ।

#stop #acid #attack

Wednesday, 22 March 2017

चारदिवारी ।

मुझसे मेरी जात न पूछो
मैं बंदा ऊपर वाले का हूँ 

सुबह सवेरे मंदिर जाके शांत मनसे इश्वर को याद किया  करता हूँ

हुई दूपहरहीया तो बैठ किसी मस्जिद मे इबादत-इंसानियत के नाम एक नमाज अदा किया करता हूँ।

ढली शाम तो बैठ किसी गुरूद्वारे के चबूतरे पर दो मीठी रोटिया खाया करता हूँ।

लौट घरको जाने से पहले
एक टुकड़ा मोमबत्ती का किसी गिरजाघर में जलाया करता हूँ ।

मुझे क्या फर्क पड़े
मन्दिर बने या बने चारदीवारी

मुझे तो जो प्यार से गले लगा ले
बस उसके गुन गाया करता हूँ

क्युकी मेरा नाम !

राम रहीम जोशेफ़ सिंह इंसान हैं ।

Thursday, 16 March 2017

एक सितारा तेरे नाम का -3

आसमान मे एक सितारा तेरे नाम का
जिसे देख मैं अपनी नमाजे अदा किया करता हूँ।

शहर में कई जाग़िर मेरे नाम की। हा तेरे यार की
फिरभी तेरी ही गली में एक छोटा सा मकान लेने को सबकुछ नीलाम किये फिरता हूँ।

राज चलता हैं मेरा मेरे शहर में ,बादशाहों की चाल चला करता हूँ
पर तेरी ही गलियों में फ़क़ीर बन दर दर भटक तेरा नाम लिया करता हूँ।

शराब की एक बूंद से वाकिफ़ न था मैं तुझसे पहले हा आजसे पहले
और आज मैं पूरा मैखाना अकेले ही गले के पार किया करता हूँ।

कुछ मैखाने मिलकर गिरना चहते हैं मुझे ,
पर तेरे नशे के आगे ये भी सब झुककर सलाम किया करते हैं।

ये शराब के कुछ ही जामों मे बहकाना चहते हैं मुझे
और यहा मैं सदियों से तेरा ही नशा किया करता हूँ ।

बूढ़ी दादी आजकल पूछा करती है मुझसे, बेटा क्या बचपन की सुनाई कहानी याद है तुम्हें
मैं चुपचाप उनकी सुनाई तबकी कहानी मैं आपने आज को याद करलिया करता हूँ। उनके तबके राजा पर अपनी आजकी रानी कुरबान करदिया करता हूँ।

की आसमान में एक सितारा तेरे नाम का जिसे देख मैं अपनी नमाजे अद किया करता हूँ।
की आसमान में......

Wednesday, 8 March 2017

ये दौर एक नया है...


दिन मर्द नहीं होतान ही रात स्त्री है

ये दौर एक नया हैन अब बात ये वही है.

न अब बंद किवाड़ो मेंन बंद रीती रिवाजों में

न कोई आवाज़ दबेगीनई सुबह हो गई है

न अब बात ये वही है.



ये दौर एक नया हैन अब बात ये वही है.

ये दौर एक नया हैन बात अब ये वही है.


सब टूट जाएगी जंजीरेजिस रह वो चलेगी

सब पत्थर हट जायेगेये रह एक नई है

ये दौर एक नया हैन अब बात ये वही है.

ये दौर एक नया हैन अब बात ये वही है.


मां पुत्र और पुत्री से पहलेसंतान अब जानेगी

न रहेगा भेद साराये हवा उड़ चली है

ये जो लोग कहते सारेकी भेद ही बड़ा है

वो बात अब ये मानेकी इंसानियत बड़ी है

ये दौर एक नया हैन बात अब वही है.

ये दौर एक नया है न बात अब वही है.

गर ये चंद लफ़्ज़ मेरे जगा दे जो तुझको 
तो फ़िर मैं भी समझ जाउं की कलम ये नयी है
ये सोच एक नयी है

ये दौर एक नया हैन अब बात ये वही है.
ये दौर एक नया हैन अब बात ये वही है.
  


Sunday, 5 March 2017

गजब ही किया जो वादे पर ऐतबार किया ।

गजब ही किया जो वादे पर ऐतबार किया

तेरी हर इश्क की झूठी साजीस पर ऐतबार किया ।

पता था तेरी गलियाँ मुनासिब नहीं मेरे इश्क के लिए

फिरभी तुझसे बेइंतह प्यार किया।

तेरे इश्क के जूनून में ये दिल पूरी दुनिया से लड़ बैठा

पर जब मिला न तेरा साथ तो सीसे जैसे टूट गया।

बे मौसम की बरसात में खुद को बेशुमार भीगा लिया

गिरी जितनी बूंद मुझमे बारिश की
अस्को में बहकर उसका एहसान भी चुका दिया

रात की सर्द हवाओ में खुदमें सिमट कर खुदको गले लगा लिया

न चाहते हुए भी उस रात को मैंने
तेरी यादो को जला खुदको जिन्दा फिरसे एकबार किया

सचमे में तेरे इश्क मे । ये क्या से क्या किया

गजब ही किया जो वादे पर ऐतबार किया ।

Friday, 3 March 2017

एक सितारा तेरे नाम का -2


आसमान में एक सितारा तेरे नाम का
जिसे देख मैं अपनी नमाजे अदा किया करता हूँ ।***

पलपल सांसो की  माला टूट रही मेरी
मजबूत धागों का इंतजाम किया करता हूँ

रोज खोलता हूँ घर के सारे दरवाजे अपने
हर सुबह खुदको गमो के कमरो मे कैद ही पता हूँ।

एक एक साँस गिरवी रख दी है खुदा के घरमे
फिरभी हर शाम की दुआ में अगले जन्म की साँस भी तेरे नाम किया करता हूँ।

दरिया बहती मेरे घरके बगल से
फिर भी सारा दिन शहर मे प्यासा मारा मारा फिरा करता हूँ।

जिंदगी अब और क्या कबूल करू तौहफे तेरे
यहाँ खुद हरदिन मैं गमो का बाजार लगाये फिरता हूँ

Thursday, 2 March 2017

एक सितारा तेरे नाम का ।

आसमान में एक सितारा तेरे नाम का
जिसे देख मैं अपनी नमाजे अदा किया करता हूँ ।

दीवारों पर एक तस्वीर तेरे रुह की
जिसे देख मैं सजदे किया करता हूँ।

रास्तों में एक पत्थर तेरे नाम का
जिससे मैं रोज ठोकर खाकर गिरा करता हूँ।

इस पूरी काएनात में बस एक नाम तेरे नाम का
जिससे मैं बेशुमार प्यार किया करता हूँ।

मेला लगा है इस पूरे जहाँ में
और फिरभी मैं यूही अकेले चल दिया करता हूँ।

सदियों जैसी एक एक रात मेरी
जिसमे बस तेरा इंतजार किया करता हूँ।

खुद खुदा के घर पहुच गयी तू
और मैं यहाँ हर दिन अपनी बारी का इंतजार किया करता हूँ।

और आज शमसान में एक ढेर तेरे वजूद का
जिसको उछाल मैं हवा से बाते किया करता हूँ।

गुलाब...

उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...