Wednesday, 29 March 2017

किराये की कोख़ ।

किराये की कोख तो मिल जायेगी,

लेकिन किराये के माँ-बाप कहाँ से लाओगे

किराये का घर तो मिल जायेगा,

लेकिन किराये का परिवार कहाँ से लाओगे

किराये का बाग तो मिल जायेगा

लेकिन किराये के फूल कहाँ से लाओगे

किराये की रानी तो मिल जाएगी,

लेकिन किराये की कहानी कहाँ से लाओगे

किराये की नींदे तो मिल जाएगी,

लेकिन किराये के सपने कहाँ लाओगे

किराये की घड़ी तो मिल जाएगी,

लेकिन किराये का वक़्त कहाँ लाओगे

किराये का यहाँ सबकुछ मिल जायेगा
लेकिन किराये पर अपना कहने वाला कहाँ से लाओगे

और किराये के माँ-बाप भी मिल जायेगे
लेकिन फिर किरदार कहाँ से लाओगे।

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