Tuesday, 17 January 2017
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गुलाब...
उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...
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अये ज़िदगी जरा इतना बता दे, तू है कहा और तेरा पता क्या है। गर कभी फुर्सत मिले तो हमसे भी रुबुरु हो ले , ये ज़िन्दगी भी तेरी दी हुई है ये भ...
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अब रातों को नींदों से उठ जाता हूँ, क्यों अजीब सी ये बेकरारी है हा इश्क है तुमसे ये होना तो लाज़मी है। गर आती है तू हर रात के ख्वाबों मे ...
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राम मंदिर से शुरू हुई थी गाय माता पर आकर अटक गई, भईया काश हमको राजनीति आती होती। सुलभ शौचालय से शुरु हुई थी स्वच्छ भारत अभियान पर आकर अट...
Nice bro
ReplyDeleteThank you
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