Sunday, 22 January 2017

मैं आपकी बेटी हूँ ।

मैं आपकी बेटी हूँ।
मुझे भी इस दुनिया मे आना है।
मेरा भी सपना है।
इस दुनिया मे आने का,
खुली हवा में पंख फैला दूर
कही उड़ जाने का।
मैं आपकी बेटी हूँ
मुझे भी इस दुनिया मे आना है ।
मेरा भी खेल खिलौने का होगा ।
मैं भी अपनी गुड़िया को खूब सजाऊंगी
उसकी शादी गुड्डे के राजकुमार से कराउगी।
मैं आपकी बेटी हूँ
मुझे भी इस दुनिया में आना है ।
मुझे भी भाई के साथ स्कूल जाना है।
मुझे भी चार किताबे पढ़
अपने माँ बाप का नाम जग मे कमाना है ।
मुझे भी मेरी मम्मी जैसे गोल रोटिया बनाना है ,
मुझे पापा के साथ मेला घूम के आना है ।
मैं आपकी बेटी हूँ
मुझे भी इस दुनिया में आना है
मै भी भाई संग ऑफिस , कॉलेज , खेल कूद प्रतियोगिता मै जाउंगी
मै भी सनिया नेहवाल की तरह ढेरो पदक जीत के लाऊंगी।
मै आपकी बेटी हूँ
मुझे भी इस दुनिया में आना है।
मुझे भी ब्याह होकर अपने ससुराल जाना है,
मुझे भी अपने पिया का संसार बसना है।
कोई तो हाथ बढ़ाओ,
किसी को कष्ट नहीं पहुचांउगी
एक पल का साथ दीजिये
सारी उम्र साथ निभाऊग़ी
किसी का कुछ नहीं बिगाड़ूगी
बस अपने हिस्से की सांसे जी के जाऊगी।
मैं आपकी बेटी हूँ मुझे
भी इस दुनिया में आना
है।

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