Tuesday, 3 January 2017

कहानीकार ।

कहनी लिखने वालो की अपनी कोई कहानी नहीं होती है ।
होती भी है तो बिलकुल आधी आधूरी , टूटी फूटी बिखरी सी ।
इसीलिए वो दूसरो की कहानियो अपनी कहानी तलाशते है।
और अपनी कहानी का कुछ हिस्सा सबकी कहानियो मे डालकर अपनी लिखी हुई कहानी को पूरा करने की कोशिस करते है
क्युकी आधूरी कहानी का दर्द
इनसे बेहतर कोई नही समझ सकता ।
इसीलिए एक अच्छा कहानीकार
पर पन्ने पर कहानी सुनने वालो को बताता चलता है ।
कहानी आगे भी जरी रहेगी,
ये कहानी आगे भी जरी रहेगी।

2 comments:

गुलाब...

उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...