बर्बाद जिंदगी की हक़ीकत,
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है
इस आधी अधूरी कहानी की हक़ीकत,
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है
इन फिज़ाओ में घुली तेरी खुसबुओ की हक़ीकत,
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है
मेरे इन तमाम जुर्म-ए-इश्क की हक़ीकत,
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है
इन बारिशों की घनघोर घटाव़ो की हक़ीकत
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है
मेरे सीने पर रखे पत्थऱो की हक़ीकत
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है।
और आज मेरी टूट रही इस कलम की हक़ीकत,
बस इतनी सी है की मुझे तुमसे इश्क है।
और आज मेरे युहीं सो जाने की हक़ीकत,
भी बस इतनी सी है की मुझे तुससे इश्क था।
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