वफ़ा,जफ़ा,इश्क,मुश्क
क्या है तू।
यहाँ,वहां,इधर,उधर
कहाँ है तू।
गिला,सिकवा,आराम,हराम
सबमे है तू।
दीन,इमान,दुआ,नमाज,
शामिल है तू
हसी,खुशी,रोना,गुनगुनाना,
पागल है तू
सुबह,शाम,दिन,रात
किसमे है तू।
मुस्कुराइये आप इश्क में है ।
उन्होंने कहा, पूरे अमीनाबाद के लड़के हमपर मरते हैं तुम मानो न मानो वो हमसे बे-पनाह मोहब्ब्त करते हैं और अगर दराख से झुमका भी दिखा दूं तो ...
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