Friday, 28 April 2017

मुश्कुराइये आप इश्क में है...

वफ़ा,जफ़ा,इश्क,मुश्क
क्या है तू।

यहाँ,वहां,इधर,उधर
कहाँ है तू।

गिला,सिकवा,आराम,हराम
सबमे है तू।

दीन,इमान,दुआ,नमाज,
शामिल है तू

हसी,खुशी,रोना,गुनगुनाना,
पागल है तू

सुबह,शाम,दिन,रात
किसमे है तू।

मुस्कुराइये आप इश्क में है ।

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