Friday, 28 April 2017

तुमने मेरी...

तुमने मेरी

रातों की नींद

दिनका शुकून

शुबह की शाम

रातों की फरियाद

खुशियों की बात

प्यार की सौगात

सपनों वाली रात

ठंडी वाली शाम

मेरा वाला चाँद

बारिशों की रात

मेरे सरे ख़्वाब

"वो सारी चीजे छीन ली है जिनसे मैं जिन्दा रहता था"

ख़ुदा करे तुझसे ,

तेरे सारे गम

तेरे सारे डर

तेरे बुरे ख़वाब

तेरी सारी फ़िक्रे

तेरी सारी बैचेनिया

तेरी सारी परेशानियाँ

तेरी अधूरी कहानियां

तेरी बुरी बतियां

तेरी बुरी सहेलियां

तेरी सारी गलतियां

और हा तेरी सारी नफरते

छीन जाये
जिनसे तुझे जीने मे तकलीफ़ हो रही हो।

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